सोमवार 20 अप्रैल 2026 - 13:53
दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस / जन्नतुल बक़ी के ध्वस्त मज़ारों पर बुलंद हुई आवाज़

हौज़ा / अजमेर शरीफ़ के ख़ुद्दाम का प्रतिनिधित्व करते हुए सैयद फज़ल मोहसिन चिस्ती ने राजधानी दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में भाग लिया, जिसमें जन्नतुल बक़ी में ध्वस्त किए गए पवित्र मज़ारों के मुद्दे को ज़ोरदार तरीके से उठाया गया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,नई दिल्ली: अजमेर शरीफ़ के ख़ुद्दाम का प्रतिनिधित्व करते हुए Syed Fazle Moin Chishty ने राजधानी दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में भाग लिया, जिसमें जन्नतुल बक़ी में ध्वस्त किए गए पवित्र मज़ारों के मुद्दे को ज़ोरदार तरीके से उठाया गया।

इस कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश से आए उलेमा, विद्वानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और जन्नतुल बक़ी की ऐतिहासिक व धार्मिक महत्ता पर विस्तार से चर्चा की। सैयद फज़ल मोहसिन चिस्ती ने अपने संबोधन में गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस्लामी इतिहास की अत्यंत महत्वपूर्ण निशानियों को मिटा दिया गया, और आज भी उनकी पुनर्स्थापना के लिए ठोस प्रयास नहीं हो रहे हैं।

उन्होंने दृढ़ता से कहा कि जन्नतुल बक़ी केवल एक कब्रिस्तान नहीं, बल्कि अहले बैत (अ.स.) और महान इस्लामी हस्तियों की यादों का केंद्र है। इन पवित्र मज़ारों के पुनर्निर्माण की मांग अब एक वैश्विक आवाज़ बन चुकी है, जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।

कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बात भी प्रमुखता से सामने आई कि पूरे एशिया में Ajmer Sharif Dargah, जो Khwaja Moinuddin Chishti (रहमतुल्लाह अलैह) की दरगाह है, आज

अहले ईमान का केंद्र बनी हुई है। एक बार फिर यह साबित हुआ कि हक़ और सच्चाई के लिए उठने वाली आवाज़ अजमेर शरीफ़ से ही बुलंद होती है, जो पूरी दुनिया के लिए मार्गदर्शन का स्रोत है।

कॉन्फ्रेंस में यह भी निर्णय लिया गया कि इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती से उठाया जाएगा, ताकि जन्नतुल बक़ी की ऐतिहासिक विरासत को पुनः स्थापित किया जा सके।

इस अवसर पर सैयद फज़ल मोहसिन चिस्ती के संबोधन को विशेष रूप से सराहा गया और इसे इस आंदोलन को नई दिशा देने वाला बताया गया।

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha